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रविवार को रोचक कैसे बनाये
आज हम आपको बतायेगे कि आप अपने रविवार को रोचक कैसे बनाये |
सप्ताह के शुरू होते ही यानि सोमवार से ही इंतज़ार शुरू हो जाता है , छुट्टी का यानि रविवार का और अगर उसी सप्ताह में रविवार के इलावा एक और छुट्टी आ जाये तो ख़ुशी दुगनी नहीं चौगुनी हो जाती है और अगर वही छुट्टी शनिवार के साथ आ जाए तो ख़ुशी के मारे पैर ज़मीन पर ही नहीं लगते |
यदि गलती से बॉस ने छुट्टी वाले दिन भी काम ले लिया या छुट्टी मारी जाए तो दुनिया जहनुम से कम प्रतीत नहीं होती। एक छुट्टी की कीमत एक निजी नौकरी वाला ही अच्छे से समझ सकता है , तो उस छुट्टी को प्रयोग में कैसे लाये , आइए सीखते है——–
परिवार के साथ समय बिताना – हम रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में इस तरह व्यस्त रहते है कि परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का समय ही नहीं मिलता। इसीलिए जब भी छुट्टी हो , अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताये। उनके साथ अपने ज़माने की बातें करे , अपनी संस्कृति से रूबरू करवाए |

परिवार के साथ घूमने जाए – पूरा सप्ताह तनाव पूर्ण काम करने के बाद कुछ आराम चाहिए होता है तो छुट्टी वाले दिन परिवार वालो के साथ कहीं घूमने जाए , जिससे एक तो आप तनाव रहित हो जायेगे और दूसरा अपनों के साथ अच्छा समय बीत जायेगा। कोशिश करके देखिये आपको वाकई में बहुत अच्छा अनुभव होगा
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दफ्तर के काम को दूर रखे – छुट्टी वाले दिन जितना हो सके अपने आप को दफ्तर के काम से दूर रखे। अपना काम एक दिन पहले ही सारा खत्म करने की कोशिश करे, क्योकि एक तो पूरे सप्ताह के बाद शरीर को भी आराम चाहिए होता है और परिवार के साथ समय बिताने का भी एक ही दिन होता है |
सारा दिन सो कर मत बिताये – कुछ लोग छुट्टी वाले दिन को सो कर बिताते है , ताकि पूरे सप्ताह की थकावट दूर हो सके ,लकिन पूरा दिन सोने से थकावट दूर नहीं होती। लकिन पूरा दिन सोने से हमें अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का अवसर नहीं मिलता ,तो हो सके तो छुट्टी वाले दिन कम सोये।
महिलाओं को भी घर के कामो से दे राहत – यदि पूरे सप्ताह काम करने के बाद एक पति को जैसे राहत चाहिए होती है , वैसे ही महिलाओं को भी पूरा सप्ताह काम करने के बाद थोड़ी सी राहत चाहिए होती है , विशेषकर कामकाजी महिलाओं के लिए भी पूरा सप्ताह भागम भाग वाला होता है तो जहा तक हो सके घर की महिलाओं को भी उस दिन काम से राहत दे ताकि वह भी तनाव रहित रह सके।
रिश्तेदारों व दोस्तों के साथ समय बिताये – वो समय बीत गया जब दादी , चाचू , ताऊ जी , बुआ जी के नामो से पूरा घर आँगन गूंजता रहता था और दादी नानी की कहानिया सुनने के लिए सारे भाई बहन एक साथ बैठ जाते थे |
आज के इस समय में बच्चो को अपने रिश्तो के बारे में ही नहीं पता ,जिसके कारण दिन प्रतिदिन आज की पीड़ी की सोच में बहुत तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्हें रिश्तो का मूल्य नहीं पता। तो छुट्टी वाले दिन अपने बच्चो को रिश्तेदारों से मिलाने ले जाए ताकि उनमे अपनत्व की भावना विकसित हो सके।
अपने शौंक वाले काम करे – अक्सर पैसा कमाने के चक्कर में हम अपने शौंक वाले काम से दूर हो जाते है। छुट्टी वाले दिन अपना समय अपने शौंक वाले काम को दे, जिसे करके सच्ची में बहुत अच्छा अनुभव होता है। ताकि आपको अपनों ज़िन्दगी में किसी चीज़ का कोई पछतावा न रह जाए |





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