List of Prime Ministers of India in Hindi

List of Prime Ministers of India in Hindi

भारत , जिस देश में न जाने कितने ही राजाओ ने राज्य किया और अपने अपने हिसाब से शासन चलाया | राजाओ के शासन के साथ साथ भारत पर अंग्रेजो ने भी भारतीयों पर लगभग 200 वर्ष तक राज किया और आखिर कार सन 1947 में देश आज़ाद हुआ तो भारत में लोकतंत्र की स्थापना की गयी और देश की सत्ता चलाने एवम देश की बागडोर प्रधानमन्त्री के हाथो में दी गयी | भारत के सविधान में प्रधानमन्त्री को प्रमुख माना गया है | सन 1947 से लेकर सन 2020 तक 17 प्रधानमन्त्री राज कर चुके है और 18 वे प्रधानमन्त्री का कार्यकाल अभी चल रहा है | इन सभी के नेतृत्व में ही भारत ने बहुत विकास किया है |

List of Prime Ministers of India

1. पंडित जवाहर लाल नेहरु (August 5 , 1947- May 27 , 1964)

पंडित जवाहरलाल नेहरु                                                        पंडित जवाहरलाल नेहरु

 

भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे और स्वतन्त्रता के पूर्व और पश्चात् की भारतीय राजनीति में केन्द्रीय व्यक्तित्व थे। महात्मा गांधी के संरक्षण में, वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के सर्वोच्च नेता के रूप में उभरे और उन्होंने 15 अगस्त 1947  में भारत के एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में स्थापना से लेकर 27 मई 1964  तक अपने निधन तक, भारत का शासन किया। वे आधुनिक भारतीय राष्ट्र-राज्य – एक सम्प्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, और लोकतान्त्रिक गणतन्त्र – के वास्तुकार माने जाते हैं। कश्मीरी पण्डित समुदाय के साथ उनके मूल की वजह से वे पण्डित नेहरू भी बुलाए जाते थे, जबकि भारतीय बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के रूप में जानते हैं।

2. गुलजारी लाल नंदा (May 27 ,1964 to June 9 ,1964)

गुलजारी-लाल-नंदा

गुलजारी-लाल-नंदा

गुलजारीलाल नन्दा (4 जुलाई 1898 – 15 जनवरी 1998) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उनका जन्म सियालकोट, पंजाब, पाकिस्तान में हुआ था। वे 1964  में प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की मृत्युपश्चात् भारत के प्रधानमंत्री बने। कांग्रेस पार्टी के प्रति समर्पित गुलज़ारी लाल नंदा प्रथम बार पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद 1964 में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाए गए। दूसरी बार लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के बाद 1966 में यह कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। इनका कार्यकाल दोनों बार उसी समय तक सीमित रहा जब तक की कांग्रेस पार्टी ने अपने नए नेता का चयन नहीं कर लिया।

3. लाल बहादुर शास्त्री (June 9 , 1964 to January 11 , 1966 )

लाल बहादुर शास्त्री                                                                  लाल बहादुर शास्त्री

लालबहादुर शास्त्री , जिनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को  मुगलसराय में हुआ ,   भारत के दूसरे प्रधानमन्त्री थे। वह 9 जून 1964 से 11 जनवरी 1966  अपनी मृत्यु तक लगभग अठारह महीने भारत के प्रधानमन्त्री रहे। इस प्रमुख पद पर उनका कार्यकाल अद्वितीय रहा।शास्त्री जी ने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि प्राप्त की।

जवाहरलाल नेहरू का उनके प्रधानमन्त्री के कार्यकाल के दौरान 27 मई, 1964 को देहावसान हो जाने के बाद साफ सुथरी छवि के कारण शास्त्रीजी को 1964 में देश का प्रधानमन्त्री बनाया गया। उन्होंने 9 जून 1964 को भारत के प्रधान मन्त्री का पद भार ग्रहण किया।

4. इंदिरा गाँधी (January 24, 1966 to March 24 , 1977)

इंदिरा गाँधी                                                                    इंदिरा गाँधी

इन्दिरा प्रियदर्शिनी गाँधी  वर्ष 1966 से 1977 तक लगातार 3 पारी के लिए भारत गणराज्य की प्रधानमन्त्री रहीं और उसके बाद चौथी पारी में 1980 से लेकर 1984 में उनकी राजनैतिक हत्या तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। वे भारत की प्रथम और अब तक एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं।

लालबहादुर शास्त्री के आकस्मिक निधन के बाद तत्कालीन काँग्रेस पार्टी अध्यक्ष के. कामराज इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बनाने में निर्णायक रहे। गाँधी ने शीघ्र ही चुनाव जीतने के साथ-साथ जनप्रियता के माध्यम से विरोधियों के ऊपर हावी होने की योग्यता दर्शायी।

5. मोरारजी देसाई (March 24, 1977 – July 28 ,1979 )

मोरार जी देसाई                                                              मोरार जी देसाई

मोरारजी देसाई (29 फ़रवरी 1896 – 10 अप्रैल 1995)  भारत के स्वाधीनता सेनानी और देश के 4th प्रधानमंत्री (सन् 1977 से 79) थे। वह प्रथम प्रधानमंत्री थे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बजाय अन्य दल से थे। वही एकमात्र व्यक्ति हैं जिन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न एवं पाकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान से सम्मानित किया गया है।

वह 81 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बने थे। इसके पूर्व कई बार उन्होंने प्रधानमंत्री बनने की कोशिश की परंतु असफल रहे। लेकिन ऐसा नहीं हैं कि मोरारजी प्रधानमंत्री बनने के क़ाबिल नहीं थे। वस्तुत: वह दुर्भाग्यशाली रहे कि वरिष्ठतम नेता होने के बावज़ूद उन्हें पंडित नेहरू और लालबहादुर शास्त्री के निधन के बाद भी प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया। मोरारजी देसाई मार्च 1977 में देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में इनका कार्यकाल पूर्ण नहीं हो पाया। चौधरी चरण सिंह से मतभेदों के चलते उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा।

6. चरण सिंह (July 28, 1979 to Jan 14 , 1980)

चरण सिंह                                                                      चरण सिंह

चौधरी चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमन्त्री थे। उन्होंने यह पद 28  जुलाई 1979  से 14  जनवरी 1980  तक सम्भाला। चौधरी चरण सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारतीयता और ग्रामीण परिवेश की मर्यादा में जिया।

उनकी विरासत कई जगह बंटी. आज जितनी भी जनता दल परिवार की पार्टियाँ हैं, उड़ीसा में बीजू जनता दल हो या बिहार में राष्ट्रीय जनता दल हो या जनता दल यूनाएटेड ले लीजिए या ओमप्रकाश चौटाला का लोक दल , अजीत सिंह का ऱाष्ट्रीय लोक दल हो या मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी हो, ये सब चरण सिंह की विरासत हैं

7. इंदिरा गाँधी (Jan 14 .1980 to Oct 31 . 1984 )

इंदिरा गाँधी                                                                  इंदिरा गाँधी

उन्होंने एवं काँग्रेस पार्टी ने 1977 के आम चुनाव में पहली बार हार का सामना किया। सन् 1980 में सत्ता में लौटने के बाद वह अधिकतर पंजाब के अलगाववादियों के साथ बढ़ते हुए द्वंद्व में उलझी रहीं जिसमे आगे चलकर सन् 1984 में अपने ही अंगरक्षकों द्वारा उनकी राजनैतिक हत्या हुई।

8. राजीव गाँधी (Oct 31 , 1984 to Dec 2 . 1989 )

राजीव गाँधी                                                                    राजीव गाँधी

राजीव गांधी , इन्दिरा गांधी के पुत्र और जवाहरलाल नेहरू के दौहित्र (नाती),  थे। राजीव का विवाह एन्टोनिया माईनो से हुआ जो उस समय इटली की नागरिक थी। विवाहोपरान्त उनकी पत्नी ने नाम बदलकर सोनिया गांधी कर लिया। कहा जाता है कि राजीव गांधी से उनकी मुलाकात तब हुई जब राजीव कैम्ब्रिज में पढने गये थे। उनकी शादी 1968 में हुई जिसके बाद वे भारत में रहने लगी। राजीव व सोनिया की दो बच्चे हैं, पुत्र राहुल गांधी का जन्म 1970 और पुत्री प्रियंका गांधी का जन्म 1972 में हुआ।

राजीव गांधी की राजनीति में कोई रूचि नहीं थी और वो एक एयरलाइन पाइलट की नौकरी करते थे। परंतु 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में असामयिक मृत्यु के बाद माता इन्दिरा को सहयोग देने के लिए सन् 1981 में राजीव गांधी ने राजनीति में प्रवेश लिया। वो अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीत कर सांसद बने और 31 अक्टूबर 1984 को अंगरक्षकों द्वारा प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की हत्या किए जाने के बाद भारत के प्रधानमंत्री बने और अगले आम चुनावों में सबसे अधिक बहुमत पाकर प्रधानमंत्री बने रहे।
राजीव गांधी भारत में सूचना क्रांति के जनक माने जाते हैं. देश के कंप्यूटराइजेशन और टेलीकम्युनिकेशन क्रांति का श्रेय उन्हें जाता है. स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में महिलाओं को 33% रिजर्वेशन दिलवाने का काम उन्होंने किया । मतदाता की उम्र 21 वर्ष से कम करके 18 वर्ष तक के युवाओं को चुनाव में वोट देने का अधिकार राजीव गांधी ने दिलवाया. चुनावों का प्रचार करते हुए 21  मई, 1991  को ‘लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम’ नामक आतंकवादी संगठन के आतंकवादियों ने राजीव गांधी की एक बम विस्फ़ोट में हत्या कर दी| |

9. वी पी सिंह ( Dec 2 . 1989 to Nov 10 . 1990 )

VP singh                                                            VP singh

विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत गणराज्य के आठवें प्रधानमंत्री थे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके है। उनका शासन एक साल से कम चला, 2  दिसम्बर 1989  से 10  नवम्बर 1990  तक। विश्वनाथ प्रताप सिंह भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी सरकार के पतन के कारण प्रधानमंत्री बने विश्वनाथ प्रताप सिंह ने आम चुनाव के माध्यम से 2 दिसम्बर 1989 को यह पद प्राप्त किया था। सिंह प्रधान मंत्री के रूप में भारत की पिछड़ी जातियों में सुधार करने की कोशिश के लिए जाने जाते हैं।

10. चन्द्र शेखर ( November 10 ,1990 to June 21, 1991)

चन्द्र शेखर                                                                        चन्द्र शेखर

चन्द्र शेखर 1962 से 1977 तक वह भारत के ऊपरी सदन राज्य सभा के सदस्य थे। उन्होंने 1984  में भारत की पदयात्रा की, जिससे उन्होंने भारत को अच्छी तरह से समझने की कोशिश की। इस पदयात्रा से इन्दिरा गांधी को थोड़ी घबराहट हुई। सन 1977 मे जब जनता पार्टी की सरकार बनी तो उन्होने मंत्री पद न लेकर जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लिया था। सन 1977 मे ही वो बलिया जिले से पहली बार लोकसभा के सांसद बने।

प्रधान मन्त्री के पद में 7  महीने तक रहे |उन्होंने लेकिन राष्ट्रीय चुनाव तक प्रधानमन्त्री का पद संभाला। चन्द्रशेखर उनके संसदीय वार्तालाप के लिए बहुत चर्चित थे।

11. पी वी नरसिम्हा राओ (June 21 , 1991 to May 16 1996 )

पी वी नरसिम्हा राओ                                                     पी वी नरसिम्हा राओ

पामुलापति वेंकट नरसिंह राव  भारत के 10 वें प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। ‘लाइसेंस राज’ की समाप्ति और भारतीय अर्थनीति में खुलेपन उनके प्रधानमंत्रित्व काल में ही आरम्भ हुआ। ये आन्ध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे।

इनके प्रधानमंत्री बनने में भाग्य का बहुत बड़ा हाथ रहा है। 21 मई 1991 को राजीव गांधी की हत्या हो गई थी। ऐसे में सहानुभूति की लहर के कारण कांग्रेस को निश्चय ही लाभ प्राप्त हुआ। 1991 के आम चुनाव दो चरणों में हुए थे। प्रथम चरण के चुनाव राजीव गांधी की हत्या से पूर्व हुए थे और द्वितीय चरण के चुनाव उनकी हत्या के बाद में। प्रथम चरण की तुलना में द्वितीय चरण के चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा।

इसका प्रमुख कारण राजीव गांधी की हत्या से उपजी सहानुभूति की लहर थी। इस चुनाव में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत नहीं प्राप्त हुआ लेकिन वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। कांग्रेस ने 232 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। फिर नरसिम्हा राव को कांग्रेस संसदीय दल का नेतृत्व प्रदान किया गया।

ऐसे में उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। सरकार अल्पमत में थी, लेकिन कांग्रेस ने बहुमत साबित करने के लायक़ सांसद जुटा लिए और कांग्रेस सरकार ने पाँच वर्ष का अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

पीवी नरसिंह राव ने देश की कमान काफी मुश्किल समय में संभाली थी। उस समय भारत का विदेशी मुद्रा भंडार चिंताजनक स्तर तक कम हो गया था और देश का सोना तक गिरवी रखना पड़ा था। उन्होंने रिजर्व बैंक के अनुभवी गवर्नर डॉ. मनमोहन सिंह को वित्तमंत्री बनाकर देश को आर्थिक भंवर से बाहर निकाला

12 .अटल बिहारी वाजपई (May 16 , 1996 to June 1 1996 )

अटल बिहारी वाजपयी                                                       अटल बिहारी वाजपयी

अटल बिहारी वाजपेयी  भारत के तीन बार के प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16  मई से 1  जून 1996  तक, तथा फिर 19  मार्च 1998  से 22  मई 2004  तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे,  उन्होंने लम्बे समय तक राष्‍ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।

वह चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा, निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया, 2009 तक उत्तर प्रदेश जब स्वास्थ्य सम्बंधी चिंताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए।

अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के ५ साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्मपितामह भी कहा जाता है।उन्होंने 24  दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81  मन्त्री थे।

13.ऍच डी देवगौड़ा (June 1 , 1996 to April 21 , 1997 )

देवे गओडा                                                                   देवे गओडा

1 996 के आम चुनावों में, पी॰ वी॰ नरसिम्हा राव की अध्यक्षता वाली कांग्रेस पार्टी निर्णायक रूप से हार गई लेकिन कोई अन्य पार्टी सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं जीत पाई। जब संयुक्त मोर्चा (गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों का एक समूह) ने कांग्रेस के समर्थन से केंद्र में सरकार बनाने का फैसला किया, तब देवगौड़ा को अप्रत्याशित रूप से सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया और वह भारत के 11 वें प्रधान मंत्री बने। उन्होंने 1 जून 1 996 को भारत के प्रधान मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया और 11 अप्रैल 1 997 तक जारी रहे।

14. इंदर कुमार गुजराल (April 21 , 1997 to March 19 , 1998 )

इंदर कुमार गुजराल                                                            इंदर कुमार गुजराल

इन्द्र कुमार गुजराल  भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था और 1942  के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वे जेल भी गये। अप्रैल 1997  में भारत के प्रधानमंत्री बनने से पहले उन्होंने केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में विभिन्न पदों पर काम किया। वे संचार मन्त्री, संसदीय कार्य मन्त्री, सूचना प्रसारण मन्त्री, विदेश मन्त्री और आवास मन्त्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ समय तक बीबीसी की हिन्दी सेवा में एक पत्रकार के रूप में भी काम किया था।

15. अटल बिहारी वाजपयी ( March 19 , 1998 to May 22 , 2004 )

अटल बिहारी वाजपयी                                                        अटल बिहारी वाजपयी

अटल बिहारी वाजपेयी  भारत के तीन बार के प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16  मई से 1  जून 1996  तक, तथा फिर 19  मार्च 1998  से 22  मई 2004  तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिन्दी कवि, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में एक थे,  उन्होंने लम्बे समय तक राष्‍ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया।

वह चार दशकों से भारतीय संसद के सदस्य थे, लोकसभा, निचले सदन, दस बार, और दो बार राज्य सभा, ऊपरी सदन में चुने गए थे। उन्होंने लखनऊ के लिए संसद सदस्य के रूप में कार्य किया, 2009 तक उत्तर प्रदेश जब स्वास्थ्य सम्बंधी चिंताओं के कारण सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त हुए।

अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ करने वाले वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के ५ साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेने के कारण इन्हे भीष्मपितामह भी कहा जाता है।उन्होंने 24  दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81  मन्त्री थे।

16. मनमोहन सिंह (May 22 , 2004 to May 26 , 2014 )

Manmohan-Singh                                                         Manmohan-Singh

भारत के चौदहवें प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में प्रसिद्ध है। वह अपनी नम्रता, कर्मठता और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।

लोकसभा चुनाव 2001 में मिली जीत के बाद वे जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमन्त्री बन गये हैं, जिनको पाँच वर्षों का कार्यकाल सफलता पूर्वक पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला है। इन्हें 21 जून 1999 से 16 मई 1996 तक पी वी नरसिंह राव के प्रधानमंत्रित्व काल में वित्त मन्त्री के रूप में किए गए आर्थिक सुधारों के लिए भी श्रेय दिया जाता है।

1985 में राजीव गांधी के शासन काल में मनमोहन सिंह को भारतीय योजना आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पद पर उन्होंने निरन्तर पाँच वर्षों तक कार्य किया, जबकि 1990 में यह प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार बनाए गए।

17. नरेंद्र मोदी ( May 26 , 2014, Incumbent)

नरेन्द्र मोदी                                                                   नरेन्द्र मोदी

नरेन्द्र दामोदरदास मोदी 26 मई 2014 से अब तक लगातार दूसरी बार वे भारत के प्रधानमन्त्री बने हैं तथा वाराणसी से लोकसभा सांसद भी चुने गये हैं। वे भारत के प्रधानमन्त्री पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। इससे पहले वे 7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं।

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