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Baisakhi 2021 How to celebrate Baisakhi
बैसाखी का त्यौहार सम्पूर्ण भारत वर्ष में जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है | यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है | इस बार बैसाखी 13 अप्रैल दिन मंगलवार को मनाई जायेगी | यह त्यौहार पूरे भारत वर्ष में चाहे मनाया जाता है , लेकिन पंजाब में इस त्यौहार की अलग ही धूम होती है |
बैसाखी के विभिन्न नाम
इस दिन की प्रत्येक धर्म में अलग अलग मान्यताएं है | यह सभी राज्यों में अलग अलग नामो से मनाया जाता है , जैसे उत्तराखंड में इसे बिखोती के नाम से जाना जाता है , केरल में विशु , असम में बोहाग बिहू , तमिल में पुत्थांडू एवम बिहार में जूर्शीत्ल के नाम से जाना जाता है |
बैसाखी का पंजाब में विशेष स्थान
जैसा कि हम जानते है कि बैसाखी के त्यौहार की पंजाब में एक अलग ही धूम होती है |एक तो इस दिन गेहूं की फसल की कटाई आरम्भ की जाती है | दूसरा सिखों के दसवे गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ की नीव रखी थी , यानि इसी दिन सिख धर्म की स्थापना हुई थी | इस दिन सिख धर्म के लोग गुरुद्वारों में जाते है और अकाल पुरख के आगे नतमस्तक होते है | खेतो में लहलहाती फसल के बीच पंजाबी गबरू और मुटियार भंगड़ा एवम गिद्दा डालते है |
बैसाखी की हिन्दू धर्म में मान्यता
यह दिन जहाँ सिख धर्म के लोगो के लिए बहुत महत्त्व रखता है , वाही हिन्दू धर्म में भी इस दिन की बहुत मान्यता है | इस दिन हिन्दू धर्म में नव वर्ष का आगमन माना जाता है , जिसे सवंत के नाम से जाना जाता है | इस दिन गंगा में स्नान करने की बेहद मान्यता है |
हिन्दू धर्म में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत की शुरुआत होती है. इसे भारतीय नववर्ष भी कहा जाता है. इसका आरम्भ विक्रमादित्य ने किया था, इसलिए इसे विक्रम संवत भी कहा जाता है |अंग्रेजी कैलेंडर से ये 57 वर्ष आगे है, 2021 + 57 = 2078 इस प्रकार अभी 2078 संवत चल रहा है.|
पौराणिक मान्यता
इस दिन की पौराणिक मान्यता भी है | पुराणों में यह माना गया है कि ब्रह्मा जी इस सृष्टि की रचना करने वाले , विष्णु जी पालन करने वाले एवम शिव जी मारने वाले है | पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी |
इस दिन के नाम चाहे अलग अलग हो , मान्यताएं विभिन्न हो सकती है , मनाने के ढंग अलग अलग हो सकते है , लेकिन इस दिन को प्रत्येक धर्म एवम राज्य के लोग हर्षोलास के साथ मनाते है |
