Best Hindi Shayari – Bewafa

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Best Hindi Shayari – Bewafa

Best Hindi Shayari - Bewafa
                                                                                  Best Hindi Shayari – Bewafa

 

एक विश्वास का धागा बाँधा था जिसके साथ
तोड़ के रख दिया एक झटके के साथ
दिल में मांगी थी एक छोटी सी जगह मैंने
न जाने क्यों आँखों में भी न बसा पाए
ऐसा क्या गुनाह हो गया हमसे
कि उस बेवफा ने  किया हमसे |

तुम्हे पा कर खुदा की रहमत पायी थी
हर सांस में तुम्हारी महक ही पायी थी
कभी भी ओझल न आँखों के सामने से
ऐसी ही फरियाद हर बार भगवान से मैंने लगाई थी
लेकिन न जाने क्या कमी रह गयी थी
मेरी फ़रियाद में , बेवफाई ही किस्मत में पायी है |

मेरे नसीब का पन्ना कोरा कागज़ बन कर रह गया
मेरे दिल की गहराईयों में
तन्हाई का मंज़र फ़ैल कर रह गया
आज पहुँच गयी हूँ उस मंज़र पर कि
आइना देखकर भी डर सा लगता है
कि कहीं वो भी दगा न दे जाए
और कहीं रूह भी बेवफा न बन जाए |

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