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Hindi Shayari 2020 : Jaane kahan gaye wo din : जाने कहाँ गये वो दिन

जाने कहाँ गये वो दिन
जब दिल की हर बात तुमसे कर लिया करते थे
अब तो असलियत कहने से भी डरते है
जाने कहाँ गये वो दिन
जाने कहाँ गये वो दिन
जब केवल तुम्ही में सारी दुनिया दिखती थी
तुम्हारे बिना एक पल भी सदियों के जैसे बीतता था
अब तो तुम्हारे पास होने का एहसास भी नहीं हो पाता है
जाने कहाँ गये वो दिन
जाने कहाँ गये वो दिन
जब घंटो बात करने से भी जी नहीं भर पाता था
आज हजारो आवाज़ लगाने पर एक छोटी सी
“हूँ ” की आवाज़ आती है
सोचा नहीं था ऐसा कि वक़्त यूँ करवट लेगा
जिसकी मन की बातें भी पढ़ लेते थे
आज बोली हुई बातों के मतलब न समझ पायेगे
जाने कहाँ गये वो दिन
जाने कहाँ गये वो दिन
जब मिलने का बहाना खोजा करते थे
घर वालो से पूछ पूछ कर मिलने जाया करते थे
लेकिन आज एक ही घर में रहते हुए भी
कई दिनों तक बात न कर पाते है
जाने कहाँ गये वो दिन
जाने कहाँ गये वो दिन
जब तुम्हारी छोटी सी एक झलक
पाने के लिए हज़ारो बहाने लगाते थे
एक दीदार के लिए हज़ारो फोटो मंगवाते थे
आज दीदार भी है , हम सामने भी है
लेकिन एक झलक पाने को भी तरसते है
जाने कहाँ गये वो दिन
जाने कहाँ गये वो दिन
जब सुनहरे भविष्य के सपने एक साथ देखते थे
आज शायद भविष्य को बनाने के लिए
अपना गुजरा कल तो छोड़ो
वर्तमान भी हाथ फिसलता दिखाई देता है
जाने कहाँ गये वो दिन
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