Hindi Shayari – Jee Chahta hai rone ko

Hindi Shayari – Jee Chahta hai rone ko

Hindi Shayari - Jee Chahta hai rone ko
                                                                       Hindi Shayari – Jee Chahta hai rone ko

 

जी चाहता है आज रोने को
अपना सर्वस्व खो देने को
पता नहीं क्यों लगता है
कुछ छिन्न सा गया है
दिल के किसी कोने में
कुछ दब सा गया है
जी चाहता है आज रोने को |

ज़िन्दगी में पा लिया है सब कुछ
लेकिन फिर भी कोई कमी
सी दिल में खलती है |
आस पास भरे है भंडारे
लेकिन फिर भी जगह खाली है
पास नहीं है कुछ खोने को
जी चाहता है आज रोने को |

सागर के किनारे खडी हूँ
लेकिन मन में न जाने गहरी प्यास है
मंजिल तक पहुँच गयी हूँ
लेकिन फिर भी ऐसा लगता है
कि  कहीं भटक सी गयी हूँ
दिल दौड़ पड़ा है
अपनी मंजिल कहीं खोजने को
जी चाहता है आज रोने को

Also Read : Pal Pal dil ke pass shayari

Leave a Reply