Mera dil bhi kitna pagal hai – Hindi Poem

Mera dil bhi kitna pagal hai – Hindi Poem

mera dil bhi kitna pagal
                                                                                                     mera dil bhi kitna pagal hai

 

मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है
लेकिन इज़हार करने से डरता है

जब भी कभी गुजरते हो सामने से
दिल करता है पास आने को
मन की हालत समझाने को
लेकिन कह नहीं कुछ पाता है
मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है |

ढेरो प्यार की चिट्ठियाँ
लिखी है तुम्हारे नाम से
कभी तो आएगा दिन
पढूंगी तुम्हारे सामने प्यार से
ऐसा मुझे विश्वास है
मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है |

दुनिया कहती है मुझे पागल तेरे प्यार में
हंसती है मेरे ऊपर लेकर तेरा नाम
शायद फर्क न समझे पागल और दीवानी में
लेकिन हाँ ! शान से कहती हूँ
मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है |

मेरी तन्हाइयों में आलम केवल तेरा है
मेरे दिल की गहराईओं में नाम केवल तेरा है
बदनाम है मेरा नाम तेरे नाम से
लेकिन फिर भी ऐ सनम
ये दिल तो सिर्फ तेरा है
मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है |

मेरे हाथ में अपना हाथ थमा कर तो देखो
मुझे कभी अपना बना कर देखो
अपने दिल में मेरा कुछ स्थान बना कर देखो
तुम्हारा मेरा साथ कभी न छूट पायेगा
दावे के साथ आज में ये कहती हूँ
मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है |

मेरा दिल भी कितना पागल है
ये प्यार तो तुमसे करता है
लेकिन इज़हार करने से डरता है|

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