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रक्षा बंधन कब और कैसे मनाते है
रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति का ऐसा अनमोल रत्न है , जिसे चाहे बाँधा एक रेशम के पतले धागे से जाता है , लेकिन इससे मज़बूत कोई और रिश्ता नहीं होता है | भाई बहन के अटूट प्रेम का आधार रक्षा बंधन होता है | यह श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है | इस दिन बहन अपने भाई को प्यार का यह अटूट धागा बांधती है और भाई उसे पूरी ज़िन्दगी रक्षा करने का वचन देता है |
Shayari on Raksha Bandhan
चंदन के टीके की जैसी खुशबू
सावन की बारिश जैसी फुहार
भाई जैसा सच्चा दोस्त और
बहन जैसा सच्चा प्यार
बड़े किस्मत वालो को मिलता है मेरे यार |
भाई बहन का यह अनमोल बंधन ,
जिसे पिरोया जाता है रेशम के धागे में ,
उस प्यार का प्रतीक है रक्षा बंधन
जिसे पवित्र रिश्ता माना गया है संसार में |
रंग बिरंगे धागों में बंधा यह बंधन
है प्रतीक भाई बहन के अटूट प्यार का
लगे न नजर इस खूबसूरत से बंधन को
ऐसा आशीर्वाद रहे भगवान का |
राखी का धागा चाहे कच्चा हो
लेकिन रिश्ता बहुत अटूट होता है
यकीन नहीं आता तो अजमा के देखना
इन रेशम के धागों में ही अटूट विश्वास होता है |
रिश्ते तो बहुत पाए ज़िन्दगी में
लेकिन भाई बहन का रिश्ता ही कुछ ख़ास होता है
चाहे जितना भी लड़ लो , झगड़ लो ,
खाना खाने के लिए आना फिर भी एक दूसरे के पास होता है |
जन्मो का यह पावन बंधन
बंधा है विशवास की डोरी पर
शायद इसीलिए यह मज़बूत बंधन
जोड़ा जाता है रेशम की कच्ची डोरी पर |
किस्मत ने जुदा चाहे हमे कर दिया
लेकिन प्यार कभी न कम हो पायेगा
जब भी आँखें बंद करके याद करेगा मुझे
बस मुझे अपनी आखों के सामने पायेगा |
वो लम्हा बड़ा ख़ास होता है ,
जब भाई की कलाई पे बहन का हाथ होता है
हमेशा खुश रहे सारी ज़िन्दगी
दिल और होंठो पर बस यही फरमान होता है |
वो बचपन की मासूम सी लडाई
आज भी बहुत याद आती है भाई
उन मीठी सी यादों को ताज़ा करने के लिए ही
यह प्यार भरी राखी है आई |
तोड़े से भी न टूटे यह रिश्ता
यह रिश्ता ही कुछ ख़ास होता है
बुनियाद चाहे कच्चे धागे की हो
लेकिन रिश्ता बहुत मज़बूत रहता है |
ऐ खुदा ! मेरी दुआओं का इतना असर हो ,
भाई मेरा जहाँ भी रहे , खुशियों से भरा घर हो |
राखी का त्यौहार लाया हर तरफ खुशियों की बौछार है
बंधा एक धागे में भाई बहन का अटूट प्यार है |
रिश्तो में सबसे प्यारा भाई बहन का प्यार है ,
रेशम के कच्चे धागे से बंधा अटूट विशवास है |
