Mere Mehboob Qyamat Hogi shayari in Hindi
Mere Mehboob Qyamat Hogi shayari in Hindi मेरे महबूब कयामत होगी आज रुसवा तेरी गलियों से मोहब्बत होगी मेरे दिल की गहराइयो से यूँ बेगाना बन कर निकल गए जैसे तेरे और मेरे दिल की कभी कोई पहचान ही न हो जैसे मेरे महबूब कयामत होगी आज रुसवा तेरी गलियों से मोहब्बत होगी| जो मिल गए तुम कहीं राहो में पूछूंगी तुमसे बेवफाई की वजह ऐसे पल में क्यों बेगाना बना…
0 Comments
June 29, 2022
