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Hindi Shayari – 2020 घर याद आता है मुझे
वो खिलोने की गुड़िया ,
वो माँ का आँचल ,
वो भाई से लड़ना ,
दादी का दुलार ,
बी जभी अपने में भी आ जाए ,
तो घर याद आता है मुझे । १ ।
वो पिता की डांट में छुपा हुआ प्यार ,
कोई नयी चीज़ पाने के लिए
भाई के साथ किया वो प्लान ,
आज नौकरी और जिंदगी की कश्मकश में ,
न जाने कहा गए वो दिन वो रात ,
;लकिन सच कहूं तो घर याद आता है मुझे। २।
वो माँ के हाथ के बने खाने का स्वाद ,
हर खाने में नखरे करने हज़ार ,
लेकिन फिर भी उसी ममता से कहना ,
ये नहीं तो और क्या खायेगा मेरा राजकुमार
आज अपने चूल्हे में से वो न आये स्वाद ,
तो घर याद आता है मुझे । ३ ।
वो दोस्तों से दिन भर की मस्ती ,
फोन करके कहना ,कहा है यार
एक था बहुत जरुरी काम
पूछने पर बताना हां बताना था
सपना आया था आज
कि हम दोनों में एक ही है प्राण
आज भी अगर आ जाये दोस्तों की फोटो पे नज़र ,
घर याद आता है मुझे। ४।
वो दिवाली के पटाखे ,
वो होली का रंग ,
बसंत की पतंगों की तरह बीतता था हर दिन ,
जब रहते थे माँ – पापा के पास ,
आज हर त्यौहार पे भी घर की दीवारे यूँ रहे उदास
और चीख चीख के कहे
घर याद आता है मुझे | ५ |
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